प्रवेश डेथ केस: जांच के दायरे में आ सकते हैं कई पुलिस अधिकारी, सीबीआइ जांच से बंधी आस

उत्तराखंड उधम सिंह नगर

काशीपुर : सीबीआइ की जांच की आंच जिले के कई पुलिस अधिकारियों तक भी पहुंच सकती है। सबसे पहले मृतक की पत्नी ने कुंडेश्वरी चौकी पुलिस पर ही पिटाई करने और बाद में उसी पिटाई से प्रवेश की मौत हो जाने का आरोप लगाया था। जिसके बाद कई विभागीय आलाधिकारी चौकी पुलिस के बचाव में खुलकर उतर आए थे और दो दिन में मामला चौकी पुलिस से उप कारागार हल्द्वानी की ओर मुड़ गया था। अब सीबीआइ की जांच से दूध का दूध और पानी का पानी होने की उम्मीद है। मृतक के शरीर पर सबसे ज्यादा पट्टे की पिटाई के निशान थे, जो पुलिस की पिटाई से बताए जा रहे हैं।

कुंडेश्वरी के प्रवेश का अपनी पत्नी से कुछ विवाद हो गया था। ऐसे में पत्नी ने पास ही रहने वाले एक पढ़े-लिखे व्यक्ति से तहरीर लिखवा कर कुंडेश्वरी चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया और प्रवेश को गिरफ्तार कर लिया। पांच मार्च को उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया और न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। अगले ही दिन छह मार्च को अचानक उसकी मौत कैसे हो गई इसका जवाब मिलना बाकी है। सात मार्च की शाम को प्रवेश का शव पोस्टमार्टम के बाद हल्द्वानी से कुंडेश्वरी गांव लाया गया। इससे पहले ही इंटरनेट मीडिया पर पुलिस की पिटाई से युवक की मौत होने के संदेश दो दिन से प्रसारित हो रहे थे। शव पहुंचने के बाद महिला पांच बच्चों को लेकर सड़क किनारे न्याय मांगने के लिए बैठ गई। गांव शोक में डूब गया। भारी संख्या में लोगों ने इकट्ठा होकर पुलिस के खिलाफ रोष जताया था। उस दौरान एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने अगले ही दिन चौकी पुलिस को पूरी तरह साफ-पाक बताया था।

हालांकि उन्होंने एसपी काशीपुर प्रमोद कुमार को मामले की जांच सौंपने की बात कही थी, लेकिन जांच होती दिखाई नहीं दी। इसके कुछ दिन बाद राहुल श्रीवास्तव नाम का एक व्यक्ति सामने आता है और कहता है कि उसके सामने प्रवेश की जेल में पिटाई की गई थी। इसके बाद कहानी में ट्वीस्ट आता है और पूरा मामला उप कारागार हल्द्वानी की ओर मुड़ जाता है। बाद में अधिवक्ता संजीव कुमार आकाश महिला से मिलते हैं और महिला कार्रवाई के लिए कोर्ट की शरण में चली जाती है। इसके बाद कोर्ट के आदेश पर जेल कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज हो जाता है।

हल्द्वानी पुलिस ठीक से विवेचना नहीं करती है। इसके बाद भी सवाल यही रह जाता है कि आखिर कुंडेश्वरी पुलिस ने युवक की पिटाई की थी या नहीं? यह सवाल लंबे समय से हवा में तैर रहा है। गुरुवार को हाई कोर्ट के सीबीआइ जांच के आदेश के बाद भी इंटरनेट मीडिया पर तमाम लोगों ने यह सवाल पूछा कि केस में कुंडेश्वरी चौकी पुलिस की कोई भूमिका है या नहीं? अब सभी की निगाहें सीबीआइ की जांच पर टिकी हैं।

 

 

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