India-Nepal Border: भारतीय टैक्सी चालकों के नेपाल से यात्री ले जाने पर लगी रोक, इसलिए लिया फैसला

राजनीति
सार

नेपाल के सशस्त्र बलों को भारतीय टैक्सी चालकों की ओर से नेपाल के यात्रियों के साथ खींचतान और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत मिल रही थी।

विस्तार

भारत आने वाले यात्रियों के साथ खींचतान को देखते हुए नेपाल की सुरक्षा एजेंसी ने भारतीय टैक्सी चालकों पर नेपाल से यात्री ले जाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। झूलाघाट थाना पुलिस ने भी टैक्सी संचालकों को निर्धारित स्थल पर ही टैक्सी खड़ा करने के निर्देश दिए हैं।

नेपाल के सशस्त्र बलों को भारतीय टैक्सी चालकों की ओर से नेपाल के यात्रियों के साथ खींचतान और अभद्र व्यवहार करने की शिकायत मिल रही थी। इसे देखते हुए नेपाल पुलिस और नेपाल सशस्त्र बल ने भारतीय चालकों पर नेपाल से यात्रियों को ले जाने पर रोक लगा दी है।

झूलाघाट व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश जोशी के नेतृत्व में आयोजित बैठक में अंतरराष्ट्रीय झूलापुल से नेपाल से आ रहे यात्रियों के साथ अभद्र व्यवहार, खींचातानी करना, बाजार की शांति व्यवस्था भंग करना, टैक्सी को बाजार में आड़ा-तिरछा खड़ा करने के साथ ही दोपहिया वाहनों को अनियंत्रित होकर चलाने सहित विभिन्न मामलों पर चर्चा हुई थी। 

इसके बाद व्यापार संघ की ओर से इस संबंध में झूलाघाट थाना पुलिस को ज्ञापन दिया गया था। एएसआई मनोहर लाल ने शनिवार से झूलापुल खुलने के समय सुबह छह बजे से सभी टैक्सी मालिकों और चालकों को हिदायत दी। पुलिस ने चालकों को टैक्सी बैरियर या फिर कोमल चौक के पास पार्क करने और नंबर के अनुसार संचालन करने के निर्देश दिए। नियम को तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई है।

व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश जोशी ने बताया कि कुछ टैक्सी चालक नेपाल से आने वाले यात्रियों को झूलापुल से पकड़कर टैक्सी तक ले जा रहे हैं। इससे बाजार पर भी प्रभाव पड़ रहा है। टैक्सी चालकों के यात्रियों को पकड़कर ले जाने से लोगों को खरीदारी या फिर बातचीत का भी मौका नहीं मिलता है। वहां व्यापार मंडल अध्यक्ष जगदीश जोशी, सचिव हरी बल्लभ भट्ट, मोहन चंद राजा, जगदीश चंद्र भट्ट, भैरव पंगरिया आदि व्यापारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो उच्चाधिकारियों से शिकायत की जाएगी।